Sunday, 31 January 2016
वास्तु विज्ञानः यह 7 चीजें जिन्हें घर में रखने से नहीं होती धन की कमी वास्तु विज्ञान का जन्म भगवान शिव द्वारा हुआ माना जाता है
वास्तु विज्ञानः यह 7 चीजें जिन्हें घर में रखने से नहीं होती धन की कमी
वास्तु विज्ञान का जन्म भगवान शिव द्वारा हुआ माना जाता है। भगवान शिव ने मनुष्य को सुख और उन्नति प्रदान करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था कायम की जिससे उन लोगों को भी लाभ मिल सके जिनकी कुण्डली में प्रतिकूल ग्रह स्थिति के कारण सुख की कमी है। इसके लिए उन्होंने वास्तु पुरुष को जन्म दिया।
भगवान शिव ने वास्तु पुरुष को कहा कि जहां वास्तु के नियमों का पालन नहीं हो उनकी खुशियों को तुम खा जाना और जहां वास्तु की पूजा उनका ध्यान रखा जाए उस घर में धन-धान्य भरा रहे।
आपके घर में भी धन-धान्य भरा रहे इसके लिए आप इन बातों का ध्यान रखें।
घर के उत्तर दिशा में जल के पात्र यानी पानी भरा सुराही रखें। अगर ऐसा न कर पाएं तो झील या झरने की तस्वीर भी लगा सकते हैं। इससे लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
घर के मुख्य द्वार का वास्तु में सबसे अधिक महत्व है। वास्तु की अनुकूलता के लिए घर के मुख्य द्वार पर देवी लक्ष्मी, गणेश, कुबेर और स्वास्तिक का चिन्ह लगाकर रखें। चाहें तो इनकी तस्वीर भी लगा सकता हैं।
आप जहां पर सबसे ज्यादा समय गुजारते हैं वहां पर एक क्रिस्टल बॉल रखें।
अपने घर में तांबा, पीतल, पत्थर या फिर पंच धातु का पिरामिड रखें। आप चाहें तो लकड़ी के पिरामिड भी रख सकते हैं। इससे घर में कहीं भी वास्तु दोष से परेशानी आ रही हो दूर हो जाती है।
विंड चाइम यानी पवन घंटी घर के दरवाजे पर और उन स्थानों पर लगाएं जहां से हवा आपके घर में प्रवेश करती हो और उससे टकराकर पवन घंटी का स्वर वातावरण में गूंजे।
धातु का बना कछुआ और मछली घर में रखें। फेंगशुई में बताया गया है कि इससे धन का आगमन बना रहता है।
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नींबू से दूर करें अपने घर के सभी वास्तु दोष
नींबू से दूर करें अपने घर के सभी वास्तु दोष
नींबू का पौधा घर में होने से बुरी हवायें घर में प्रवेश नहीं कर पाती है एंव वास्तु दोष का प्रभाव भी कम हो जाता है।
जब कभी किसी छोटे बच्चों को नजर लग जाती है तो, वह दूध उलटने लगता है और दूध पीना बन्द कर देता है, ऐसे में परिवार के लोग चिंतित और परेशान हो जाते है। ऐसी स्थिति में एक बेदाग नींबू लें और उसको बीच में आधा काट दें तथा कटे वाले भाग में थोड़े काले तिल के कुछ दाने दबा दें। और फिर उपर से काला धागा लपेट दें। अब उसी नींबू को बालक पर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को घर से दूर किसी निर्जन स्थान पर फेंक दें। इस उपाय से शीघ्र ही लाभ मिलेगा।
यदि एक स्वस्थ्य व्यक्ति अचानक अस्वस्थ्य हो जायें और उस पर चिकित्सा का प्रभाव नहीं हो रहा है तो समझना चाहिए कि उक्त व्यक्ति नजरदोष से ग्रसित है।
ऐसी स्थिति में एक साबूत नींबू के उपर काली स्याही से 307 लिख दें और उस व्यक्ति के उपर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को चार भागों में इस प्रकार से काटें कि वह नीचें से जुड़े रहें। और फिर उसी नींबू को घर से बाहर किसी निर्जन स्थान पा फेंक दें। यह उपाय करने से पीडि़त व्यक्ति शीघ्र ही स्वस्थ्य हो जायेगा।
यदि किसी मनुष्य को रात में अक्सर डारवने सपने आते है, जिसके कारण वह डर जाता और ठीक से नींद नहीं आती है। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति की तकिये के नीचे एक हरा नींबू रख दें, और सूख जाने पर वह नींबू हटाकर दूसरा हरा नींबू रख दें। यह क्रिया लगातार 5 बार करने से दुःस्वपन आना बन्द हो जायेंगे और ठीक से नींद भी आने लगेगी।
Friday, 29 January 2016
घर में कौन सा पेड़ लगाना है शुभ, कौन सा अशुभ?
घर में कौन सा पेड़ लगाना है शुभ, कौन सा अशुभ?
कहते हैं घर में पेड़ लगाने से हरियाली आती है और घर में रहने वाले लोग हमेशा स्वस्थ्य रहते हैं। लेकिन कई बार आपके द्वारा लगाये गये पेड़ अच्छे परिणाम नहीं देते। असल में कई बार उनमें भी वास्तु दोष होता है। हम आपको यहां बता रहे हैं कि घर में कौन सा पेड़ लगाना चाहिये और कौन सा नहीं। और साथ में पेड़ लगायें तो आखिर कहां लगायें।
वृहतसंहिता के अनुसार घर में कौन सा पेड़ किस दिशा में लगाया जाये तो, वह शुभ फल दें। बरगद का वृक्ष पूर्व में, पश्चिम में पीपल, उत्तर में पिलखन एंव दक्षिण दिशा में गूलर का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। यही वृक्ष अगर विपरीत दिशाओं में हो तो, अशुभ फल देने लगते है।
घर के समीप कांटेदार वृक्ष शत्रुभय उत्पन्न करते हैं एंव दूध वाले पेड़ धन का नाश करते है।https://www.facebook.com/groups/485025865009737/ join facebook group
कहते हैं घर में पेड़ लगाने से हरियाली आती है और घर में रहने वाले लोग हमेशा स्वस्थ्य रहते हैं। लेकिन कई बार आपके द्वारा लगाये गये पेड़ अच्छे परिणाम नहीं देते। असल में कई बार उनमें भी वास्तु दोष होता है। हम आपको यहां बता रहे हैं कि घर में कौन सा पेड़ लगाना चाहिये और कौन सा नहीं। और साथ में पेड़ लगायें तो आखिर कहां लगायें।
वृहतसंहिता के अनुसार घर में कौन सा पेड़ किस दिशा में लगाया जाये तो, वह शुभ फल दें। बरगद का वृक्ष पूर्व में, पश्चिम में पीपल, उत्तर में पिलखन एंव दक्षिण दिशा में गूलर का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। यही वृक्ष अगर विपरीत दिशाओं में हो तो, अशुभ फल देने लगते है।
घर के समीप कांटेदार वृक्ष शत्रुभय उत्पन्न करते हैं एंव दूध वाले पेड़ धन का नाश करते है।https://www.facebook.com/groups/485025865009737/ join facebook group
शुक्रवार को लक्ष्मी प्रतिमा के सामने कर सकते है ये उपाय यदि कड़ी मेहनत के बाद भी उचित प्रतिफल प्राप्त नहीं हो रहा है
शुक्रवार को लक्ष्मी प्रतिमा के सामने कर सकते है ये उपाय
यदि कड़ी मेहनत के बाद भी उचित प्रतिफल प्राप्त नहीं हो रहा है
पैसों की तंगी का सामना करना पड़ रहा है तो यहां एक उपाय बताया जा रहा है। यह उपाय नारियल से संबंधित है। यह उपाय बहुत सरल है। माना जाता है कि इस उपाय से महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। उपाय की पूरी विधि है और सही विधि से ही यह उपाय शुक्रवार को किया जाना चाहिए। इसके प्रभाव से कई समस्याओं का निवारण हो सकता है ें क्यों आती हैं परेशानियां
ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में ग्रहों की स्थिति यदि विपरीत हो तो धन संबंधी मामलों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि उचित ज्योतिषीय उपचार द्वारा ग्रह बाधा को दूर किया जाए तो संभवत: इस प्रकार की परेशानियों में कमी आ जाती है। यहां धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए एक प्राचीन उपाय बताया जा रहा है। यह उपाय प्रति शुक्रवार महालक्ष्मी की प्रतिमा के सामने किया जाना चाहिए।
इस विधि से करें उपाय
प्रति शुक्रवार ब्रह्म मुहूर्त में उठें और नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पूर्णत: पवित्र हो जाएं। इसके बाद श्रीगणेश और धन की देवी महालक्ष्मी का पूजन करें।
ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में ग्रहों की स्थिति यदि विपरीत हो तो धन संबंधी मामलों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि उचित ज्योतिषीय उपचार द्वारा ग्रह बाधा को दूर किया जाए तो संभवत: इस प्रकार की परेशानियों में कमी आ जाती है। यहां धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए एक प्राचीन उपाय बताया जा रहा है। यह उपाय प्रति शुक्रवार महालक्ष्मी की प्रतिमा के सामने किया जाना चाहिए।
इस विधि से करें उपाय
प्रति शुक्रवार ब्रह्म मुहूर्त में उठें और नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पूर्णत: पवित्र हो जाएं। इसके बाद श्रीगणेश और धन की देवी महालक्ष्मी का पूजन करें।
पूर्ण पूजन सामग्री के साथ ही एक नारियल भी पूजन में रखें। मिठाई और पुष्प हार भी रखें। नारियल पर लाल धागा लपेट लें।
जब महालक्ष्मी का पूजन पूर्ण हो जाए तब नारियल को तिजोरी में या किसी ऐसे स्थान पर रख दें, जहां आप पैसा रखते हैं।
दिन-भर तिजोरी में ही नारियल को रखे रहने दें। रात के समय तिजोरी से नारियल निकाल लें और किसी गणेश मंदिर में अर्पित कर दें। साथ ही, श्रीगणेश और महालक्ष्मी से निर्धनता दूर करने की प्रार्थना करें।
ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से कुछ ही समय में सकारात्मक फल प्राप्त होने लगते हैं। इसके साथ ही ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार के अधार्मिक कार्यों से खुद को दूर रखें। अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।
Wednesday, 27 January 2016
आर्थिक परेशानी से बचने के लिए गुरुवार के दिन नहीं करें ये 7 काम ज्योतिष के अनुसार जरा सी सावधानी बरती जाए तो गुरुवार का दिन आपके लिए सौभाग्यशाली हो सकता है। लेकिन भूलकर भी ये 7 काम नहीं करें।
आर्थिक परेशानी से बचने के लिए गुरुवार के दिन नहीं करें ये 7 काम
ज्योतिष के अनुसार जरा सी सावधानी बरती जाए तो गुरुवार का दिन आपके लिए सौभाग्यशाली हो सकता है। लेकिन भूलकर भी ये 7 काम नहीं करें।
मालामाल बने रहना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि गुरुवार को किसी को भी कर्ज न दें। ये अशुभ होता है।
जहां तक कर्ज का सवाल है तो इस दिन कर्ज लेना भी अशुभ है। ये बात बैंकों के कर्ज पर भी लागू होती है, इसलिए लोन वगैरह की सोच रहे हैं तो गुरुवार के नजरअंजाद करें।
जैसा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग बताते आए हैं, गुरुवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचें। ये अशुभ होता है। आर्थिक नुकसान तो होता ही है, सेहतलाभ भी नहीं होता है।
चूंकि गुरुवार गुरू का दिन है। इसलिए भूलकर भी पिता और गुरुजनों का अपमान न करें, उन्हें बुरा-भला नहीं कहें।
सफेद वस्त्र धारण न ही करें तो अच्छा रहेगा। गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनें तो आपकी बरक्कत होगी। मन भी शांत रहेगा। घर में भी शांति का महौल बना रहेगा और कारोबार में हैं तो लाभ निश्चित है।
गुरुवार को धन संचय करना या जमा करने संबंधी काम न करें, क्योंकि गुरूवार को खाली दिन माना जाता है। फिर भी इस दिन कुछ विशेष कार्य करना चाहते हैं तो किसी ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें। क्योंकि गुरू के साथ पुष्य नक्षत्र हो तो कोई नया काम किया जा सकता है।
इस दिन घर से कन्या को विदा न करें। अगर करना ही पड़े तो कन्या के हाथ से कोई वस्तु लेकर घर में रख लें। ऐसी मान्यता है कि गुरुवार के दिन कन्या की विदाई करने पर लक्ष्मी जी घर से चली जाती हैं।
Sunday, 24 January 2016
शुभ मुहूर्त में ही शुरू करें नया काम
शुभ मुहूर्त में ही शुरू करें नया काम
ज्योतिष, आकाश से पृथ्वी पर आने वाली रश्मियों के प्रभाव व परिणाम का अध्ययन है। विशेष नक्षत्रों के समय कई अमृत रश्मियों तथा कई विष रश्मियों से वातावरण आच्छादित रहता। नक्षत्रों का अपना स्वरूप, गुणधर्म व स्वभाव है। किसी कार्य विशेष के समय नक्षत्र विशेष, लग्न विशेष इत्यादि के चयन ही कार्य की गतिशीलता, सफलता और लक्ष्य निश्चित करती है।
मुहूर्त के संदर्भ में यही महत्वपूर्ण तथ्य है कि उस काल विशेष में कितनी अमृत रश्मियां वातावरण में मौजूद थी। इसके साथ ही साथ यह कार्य विशेष किस नक्षत्र तथा लग्न के गुणधर्म, स्वरूप व स्वभाव से मेल खाता है। इन्हीं रश्मियों के गहन शोध और अनुभवगत अध्ययन के आधार पर मुहूर्त निर्धारण बताया गया है।
हमारे देश में वैदिक काल से ही शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने की अपरिहार्यता रही है। गर्भाधान संस्कार से प्रारंभ करते हुए षोडश संस्कार वैदिक काल से ही प्रचलित रहे हैं। कार्य की पूर्णता व सफलता के उद्देश्य से शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने की परंपरा वंशानुगत वर्णानुसार आज भी चली आ रही है। जहां एक ओर हमारे आदि-ग्रंथों में भी शुभ मुहूर्त में प्रारंभ किए गये कार्यों की पूर्णता एवं सफलता के असंख्य उदाहरण हैं, वहीं दूसरी ओर बिना मुहूर्त या अचानक कार्य प्रारंभ करने के परिणामस्वरूप बाधाओं सहित कार्य बीच में ही बंद होने या कार्य की असफलता के भी कई उदाहरण उपलब्ध है।
हमें अपने देैनिक महत्वपूर्ण यथा गृह निर्माण, गृह प्रवेश मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत आदि कार्यों के लिए आज भी मुहूर्त की आवश्यकता होती है, जिसके लिए हमें किसी ज्योतिषी की आवश्यकता महसूस होती है।
यूं तो देखने में यह आता है कि लोगों को वाहन क्रय करना हो या ऐसा ही कोई अन्य अवसर हो तो, भ्रदा देखकर ही क्रय करना अभी उचित नहीं है, छोड़ देते हैं, लेकिन तमाम ऐसे मौके होते हैं कि भ्रदा न होने पर भी वाहन या अन्य कोई विशेष कार्य करने पर उसका परिणाम अच्छा होने की बजाय उसके बिल्कुल विपरीत हो जाता है जैसे वाहन लेकर लौटते समय ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाना या अन्य कोई नुकसान हो जाना। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि कदाचित करण के अतिरिक्त लग्न, लग्नेश, तिथि, वार नक्षत्र, योग प्रहर व घटी आदि के साथ ही साथ ग्रहीय स्थिति पर विचार नहीं किया।
मुहूर्त के निर्धारण में तिथि, वार, नक्षत्र योग, करण, प्रहर तथा घटी सभी की आवश्यकता होती है क्योंकि उक्त सभी पर विचार करते हुए ही मुहूर्त का निर्धारण किया जाना चाहिए। मुहूर्त जैसे अति संवेदनशील विषय के साथ शुभ मुहूर्त जानने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति और ज्योतिषी दोनों के द्वारा ही पूर्णतः सजगता बरती चाहिए। मुहूर्त के साथ समझौतावादी दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए क्योंकि कार्य की पूर्णता व सफलता शुभ मुहूर्त पर ही निर्भर करती है।
ज्योतिष, आकाश से पृथ्वी पर आने वाली रश्मियों के प्रभाव व परिणाम का अध्ययन है। विशेष नक्षत्रों के समय कई अमृत रश्मियों तथा कई विष रश्मियों से वातावरण आच्छादित रहता। नक्षत्रों का अपना स्वरूप, गुणधर्म व स्वभाव है। किसी कार्य विशेष के समय नक्षत्र विशेष, लग्न विशेष इत्यादि के चयन ही कार्य की गतिशीलता, सफलता और लक्ष्य निश्चित करती है।
मुहूर्त के संदर्भ में यही महत्वपूर्ण तथ्य है कि उस काल विशेष में कितनी अमृत रश्मियां वातावरण में मौजूद थी। इसके साथ ही साथ यह कार्य विशेष किस नक्षत्र तथा लग्न के गुणधर्म, स्वरूप व स्वभाव से मेल खाता है। इन्हीं रश्मियों के गहन शोध और अनुभवगत अध्ययन के आधार पर मुहूर्त निर्धारण बताया गया है।
हमारे देश में वैदिक काल से ही शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने की अपरिहार्यता रही है। गर्भाधान संस्कार से प्रारंभ करते हुए षोडश संस्कार वैदिक काल से ही प्रचलित रहे हैं। कार्य की पूर्णता व सफलता के उद्देश्य से शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने की परंपरा वंशानुगत वर्णानुसार आज भी चली आ रही है। जहां एक ओर हमारे आदि-ग्रंथों में भी शुभ मुहूर्त में प्रारंभ किए गये कार्यों की पूर्णता एवं सफलता के असंख्य उदाहरण हैं, वहीं दूसरी ओर बिना मुहूर्त या अचानक कार्य प्रारंभ करने के परिणामस्वरूप बाधाओं सहित कार्य बीच में ही बंद होने या कार्य की असफलता के भी कई उदाहरण उपलब्ध है।
हमें अपने देैनिक महत्वपूर्ण यथा गृह निर्माण, गृह प्रवेश मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत आदि कार्यों के लिए आज भी मुहूर्त की आवश्यकता होती है, जिसके लिए हमें किसी ज्योतिषी की आवश्यकता महसूस होती है।
यूं तो देखने में यह आता है कि लोगों को वाहन क्रय करना हो या ऐसा ही कोई अन्य अवसर हो तो, भ्रदा देखकर ही क्रय करना अभी उचित नहीं है, छोड़ देते हैं, लेकिन तमाम ऐसे मौके होते हैं कि भ्रदा न होने पर भी वाहन या अन्य कोई विशेष कार्य करने पर उसका परिणाम अच्छा होने की बजाय उसके बिल्कुल विपरीत हो जाता है जैसे वाहन लेकर लौटते समय ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाना या अन्य कोई नुकसान हो जाना। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि कदाचित करण के अतिरिक्त लग्न, लग्नेश, तिथि, वार नक्षत्र, योग प्रहर व घटी आदि के साथ ही साथ ग्रहीय स्थिति पर विचार नहीं किया।
मुहूर्त के निर्धारण में तिथि, वार, नक्षत्र योग, करण, प्रहर तथा घटी सभी की आवश्यकता होती है क्योंकि उक्त सभी पर विचार करते हुए ही मुहूर्त का निर्धारण किया जाना चाहिए। मुहूर्त जैसे अति संवेदनशील विषय के साथ शुभ मुहूर्त जानने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति और ज्योतिषी दोनों के द्वारा ही पूर्णतः सजगता बरती चाहिए। मुहूर्त के साथ समझौतावादी दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए क्योंकि कार्य की पूर्णता व सफलता शुभ मुहूर्त पर ही निर्भर करती है।
Saturday, 23 January 2016
अपनी जन्मतिथि से जानिए 2016 की भविष्यवाणी आपको अपनी राशि पता नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप अपनी जन्मतिथि से जान सकते हैं कि आपके लिए साल 2016 कैसा रहने वाला है।
अपनी जन्मतिथि से जानिए 2016 की भविष्यवाणी
आपको अपनी राशि पता नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप अपनी जन्मतिथि से जान सकते हैं कि आपके लिए साल 2016 कैसा रहने वाला है। किन मामलों में आपको कामयाबी मिलेगी और किन मामलों से आपको दूर रहना चाहिए जानिए अंक ज्योतिष से।
मूलांक 1: जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने में 1, 10, 19 या 28 तारीख है उनका मूलांक 1 है। इन राशि वालों के लिए यह वर्ष आपके लिए उत्साहवर्धक और जीवन में कई बदलाव लाने वाला रहेगा।
कई लोगों के जीवन में प्रेम का आगमन हो सकता है। आपके अंक के स्वामी सूर्य आपको कई रूके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होंगे। आपके लिए सलाह है कि उत्तेजना और अहंकार पर काबू रखें तो आपके लिए यह वर्ष कामयाबी भरा रहेगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि आपके लिए लाभप्रद रहेगी।
मूलांक 2: जन्मदिन 2, 11, 20 या 29 तारीख को है तो यह वर्ष आपके लिए कई मामलों में सुखद तो कई मामलों में चिंता और परेशानी लाने वाला है। नौकरी व्यवसाय में आपकी स्थिति कुल मिलकार बढ़िया रहेगी अपने प्रयास और मेहनत से विपरीत स्थितियों को अनुकूल बना सकते हैं। अपने काम में सफल होंगे। खान-पान और आराम का भरपूर मौका मिलेगा। संतान पक्ष से खुशी मिल सकती है। लंबी दूरी की यात्रा के योग भी इस साल बन रह हैं। परिवार में छोटे-मोटे विवाद होते रहेंगे।
मूलांक 3: आप रचनात्मक विषयों में रुचि रखते हैं और इस साल अपनी रचनात्मक क्षमता के कारण आप मान-सम्मान और तारीफ प्राप्त करेंगे। जीवन में प्यार में प्यार के खट्टे मीठे अनुभव आपको आनंदित करते रहेंगे। नौकरी में स्थिति सामान्य रूप से अच्छी रहेगी। मीडिया और वाणिज्य क्षेत्र में सफलता की संभावना अच्छी है। खान-पान में लापरवाही करेंगे तो पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। छात्रों के लिए वर्ष अच्छा है तो मेहनत कीजिए परिणाम आनंदित करेगा।
मूलांक 4: यह वर्ष आपके लिए संघर्षपूर्ण रह सकता है। आपके लिए सलाह है कि अपने कार्य और सेहत के प्रति गंभीर रहें, लापरवाही से खुद को ही नुकसान हो सकता है। नौकरी व्यवसाय के साथ ही जीवन के दूसरे क्षेत्रों मे आपको सजग रहना होगा क्योंकि विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्यार मोहब्बत के मामले में वर्ष अनुकूल रहना चाहिए इस बात की संभावना दिखती है। इस वर्ष अपने उत्साह और उम्मीद की डोर थामे रहें और सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मूलांक 5: जन्मदिन 5, 14 या 23 तारीख को है आपका मूलांक 5 है। इस वर्ष आपके जीवन में कई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं जिसकी आप कल्पना भी नहीं करते हों। यह घटनाएं अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। सलाह है कि लोगों को अपना विरोधी बनाने से बचें। आर्थिक मामलों एवं यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरुरत है। पेट संबंधी तकलीफ हो सकती है, खान-पान का ध्यान रखें।
मूलांक 6: आपका जन्मदिन 6, 15 या 24 तारीख को है तो आपका मूलांक 6 है। इस मूलांक वाले व्यक्ति के लिए यह वर्ष धन के मामले में कुल मिलाकर अच्छा रहेगा। आय में वृद्धि होगी लेकिन व्यय भी बढ़ेगा। अगर अपने खर्च पर नियंत्रण रख पाते हैं तब जमा पूंजी बढ़ाने में सफल होंगे। वैसे पारिवारिक एवं प्रेम प्रसंग के मामले में यह वर्ष आपको सुखद एहसास दिलाएगा। स्वास्थ्य के मामले इस वर्ष को आप अनुकूल समझ सकते हैं। सलाह है कि अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ें।
मूलांक 6: आपका जन्मदिन 6, 15 या 24 तारीख को है तो आपका मूलांक 6 है। इस मूलांक वाले व्यक्ति के लिए यह वर्ष धन के मामले में कुल मिलाकर अच्छा रहेगा। आय में वृद्धि होगी लेकिन व्यय भी बढ़ेगा। अगर अपने खर्च पर नियंत्रण रख पाते हैं तब जमा पूंजी बढ़ाने में सफल होंगे। वैसे पारिवारिक एवं प्रेम प्रसंग के मामले में यह वर्ष आपको सुखद एहसास दिलाएगा। स्वास्थ्य के मामले इस वर्ष को आप अनुकूल समझ सकते हैं। सलाह है कि अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ें।
मूलांक 7: जन्मतिथि 7, 16 या 25 तारीख है तो आपका मूलांक 7 है। इस वर्ष आपको दूसरों से ज्यादा अपने बारे में सोचना चाहिए, मतलब अपनी सेहत, उन्नति और समाजिक प्रतिष्ठा के बारे में आपको गंभीरता से सोचने की जरुरत है। अगर ऐसा करेंगे तो आपके लिए यह वर्ष प्रगति का नया रास्ता खोलेगा। आप अपनी क्षमताओं और कार्यकुशलता का भरपूर इस्तेमाल करें कामयाबी आपके कदम चूमेगी। पारिवारिक जीवन में मतभेद के बाद भी प्यार बना रहेगा। आपके लिए सलाह है कि जीवन शैली में थोड़ा बदलाव लाएं अच्छा एहसास होगा।
मूलांक 8: आपके जीवन में प्रगति अचानक नहीं आती है। परिश्रम और लगन से प्रयास करने पर ही आपको सफलता मिलती है
मूलांक 9 इस वर्ष भी इन बातों को याद रखें। लेकिन परिश्रम सही दिशा में और रचनात्मक होने पर आपको इस साल अच्छी कामयाबी मिल सकती है। सलाह है कि अपने अनुभवों का लाभ उठाते हुए इस साल काम पर ध्यान दें, महत्व बढ़ेगा। सलाह है कि जो भी करें दिल से करें
देखिये, एक नारियल का चमत्कार ||
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क्या आपके कार्य बार-बार बिगड़ जाते हैं? किसी भी कार्य की सफलता में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है? क्या अंतिम पलों में आपके हाथ से सफलता हाथ निकल जाती है? यदि आपको लगता है आपका भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो शास्त्रों के अनुसार जब देवी-देवता आपसे रुष्ट या असप्रसन्न होते हैं तब आपको कार्यों में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है।
इसके अलावा कुंडली में यदि कोई ग्रह दोष हो तब भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थितियों से बचने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो कि निश्चित रूप से लाभदायक ही हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय ये है कि एक नारियल पानी में प्रवाहित किया जाए।
नारियल पानी में प्रवाहित करने की विधि -
* किसी भी पवित्र बहती नदी के किनारे एक नारियल लेकर जाएं। किनारे पर पहुंचकर अपना नाम और गौत्र बोलें। इसके साथ ही प्रार्थना करें कि आपकी समस्याएं दूर हो जाएं। अब नारियल को नदी में प्रवाहित कर दें।
* इसके तुरंत बाद वहां से घर लौट आएं। नदी किनारे से लौटते समय ध्यान रखें पीछे पलटकर न देखें। अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।
* इसप्रकार नारियल नदी में बहाने से निश्चित ही आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे। बिगड़े कार्य बनने लगेंगे। भाग्य का साथ मिलने लगेगा, दुर्भाग्य का नाश होगा। इसके अलावा ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार अधार्मिक कृत्यों से खुद को दूर रखें और किसी का मन न दुखाएं!
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|| देखिये, एक नारियल का चमत्कार ||
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क्या आपके कार्य बार-बार बिगड़ जाते हैं? किसी भी कार्य की सफलता में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है? क्या अंतिम पलों में आपके हाथ से सफलता हाथ निकल जाती है? यदि आपको लगता है आपका भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो शास्त्रों के अनुसार जब देवी-देवता आपसे रुष्ट या असप्रसन्न होते हैं तब आपको कार्यों में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है।
इसके अलावा कुंडली में यदि कोई ग्रह दोष हो तब भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थितियों से बचने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो कि निश्चित रूप से लाभदायक ही हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय ये है कि एक नारियल पानी में प्रवाहित किया जाए।
नारियल पानी में प्रवाहित करने की विधि -
* किसी भी पवित्र बहती नदी के किनारे एक नारियल लेकर जाएं। किनारे पर पहुंचकर अपना नाम और गौत्र बोलें। इसके साथ ही प्रार्थना करें कि आपकी समस्याएं दूर हो जाएं। अब नारियल को नदी में प्रवाहित कर दें।
* इसके तुरंत बाद वहां से घर लौट आएं। नदी किनारे से लौटते समय ध्यान रखें पीछे पलटकर न देखें। अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।
* इसप्रकार नारियल नदी में बहाने से निश्चित ही आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे। बिगड़े कार्य बनने लगेंगे। भाग्य का साथ मिलने लगेगा, दुर्भाग्य का नाश होगा। इसके अलावा ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार अधार्मिक कृत्यों से खुद को दूर रखें और किसी का मन न दुखाएं!
वास्तु के सरल उपाय वर्ष 2016 को बनाएंगे कुछ खास
हमारे लिए फिर से एक वही समय आ गया है. जब हम अपने जीवन को एक नई दिशा , ऊर्जा और नई उम्मीदों से भरने का संकल्प लेते हैं। कहने का आशय यह है. नया साल यानी जीवन में नए सपनों को जगह देने और उन्हें साकार बनाने का अवसर। खुद से खुद को बेहतरीन बनाने का अवसर । हमें अपने जीवन में जुड़े संबंधों, संसाधनों और सेहत को बेहतरीन से और बेहतरीन बनाने का समय ,
आपको आपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरने की शुरुआत घर से ही करने से बेहतर क्या हो सकता है। सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण घर यानी परिवार के सदस्यों के बीच अच्छी बातचीत, प्यार, काम में बरकत और रचनात्मकता, कम झगड़े और झंझट।वास्तु शास्त्र के अनुसार पांच तत्व, सूरज, चांद, नवग्रह और पृथ्वी, इनकी ऊर्जा का संतुलन ही जीवन संचालित करता है, घर में इसी ऊर्जा का संतुलन स्थापित कर हम जीवन को बेहतरीन बना सकते हैं।
वास्तु से जुड़े ऐसे ही कुछ उपाय जो आपकी मदद कर सकते हैं-
आपके घर के मुख्य द्वार से ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रवेश का आदान-प्रदान शुरू होता है.
1. आप अपने घर की उत्तर दिशा में कुबेर देवता को स्थान देकर अपनी बुद्धिमता और समझ को संतुलित कर सकते है.
2. यदि आप अपने घर में पेड़-पौधे लगायेगें तो उससे आपके जीवन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी . पेड़-पौधे पूर्व दिशा के दोषों को हटाकर संतुलन बनाने का कार्य करते हैं।और जीवन में शक्ति प्रदान करते है .
3. आपको चाहिए की आप घर के उत्तर, पूर्व से कूडा-करकट हटा दें , पुराने सड़े-गले कपड़ों और अन्य वस्तुओं को हटाकर, छह महीने या अधिक समय से रखे बेकार व बिना इस्तेमाल किए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो विकास में रुकावट या अड़चन डालें, उन्हें घर से बाहर करके कलह क्लेश से दूर रहें।
4. यदि आप अपने जीवन में नियम संयम को धारण करें तो आप अपने मन में उत्साह, आनंद, उमंग, शांति की सकारात्मक उर्जा भर सकते है.
5. इस नव वर्ष में जमीन खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान दें की उस प्लॉट या जमीन को न लें जिस पर दक्षिण-पश्चिम से सड़क आ रही हो। दक्षिण दिशा को सड़क वाले प्लॉट को नहीं खरीदना चाहिए।
6. यदि आप इस नव-वर्ष में अपने लक्ष्य को स्वयं अपने हाथों से कागज पर लिख कर अपने घर के सामने दीवार पर टांग लें। साथ ही निश्चित समय सीमा भी बांध लें तो लक्ष्य पूरे करने की ऊर्जा अवश्य रूप से मिलेगी।
अपनी जन्मतिथि से जानिए 2016 की भविष्यवाणी
अपनी जन्मतिथि से जानिए 2016 की भविष्यवाणी
आपको अपनी राशि पता नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप अपनी जन्मतिथि से जान सकते हैं कि आपके लिए साल 2016 कैसा रहने वाला है। किन मामलों में आपको कामयाबी मिलेगी और किन मामलों से आपको दूर रहना चाहिए जानिए अंक ज्योतिष से।
मूलांक 1: जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने में 1, 10, 19 या 28 तारीख है उनका मूलांक 1 है। इन राशि वालों के लिए यह वर्ष आपके लिए उत्साहवर्धक और जीवन में कई बदलाव लाने वाला रहेगा।
कई लोगों के जीवन में प्रेम का आगमन हो सकता है। आपके अंक के स्वामी सूर्य आपको कई रूके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होंगे। आपके लिए सलाह है कि उत्तेजना और अहंकार पर काबू रखें तो आपके लिए यह वर्ष कामयाबी भरा रहेगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि आपके लिए लाभप्रद रहेगी।
मूलांक 2: जन्मदिन 2, 11, 20 या 29 तारीख को है तो यह वर्ष आपके लिए कई मामलों में सुखद तो कई मामलों में चिंता और परेशानी लाने वाला है। नौकरी व्यवसाय में आपकी स्थिति कुल मिलकार बढ़िया रहेगी अपने प्रयास और मेहनत से विपरीत स्थितियों को अनुकूल बना सकते हैं। अपने काम में सफल होंगे। खान-पान और आराम का भरपूर मौका मिलेगा। संतान पक्ष से खुशी मिल सकती है। लंबी दूरी की यात्रा के योग भी इस साल बन रह हैं। परिवार में छोटे-मोटे विवाद होते रहेंगे।
मूलांक 3: आप रचनात्मक विषयों में रुचि रखते हैं और इस साल अपनी रचनात्मक क्षमता के कारण आप मान-सम्मान और तारीफ प्राप्त करेंगे। जीवन में प्यार में प्यार के खट्टे मीठे अनुभव आपको आनंदित करते रहेंगे। नौकरी में स्थिति सामान्य रूप से अच्छी रहेगी। मीडिया और वाणिज्य क्षेत्र में सफलता की संभावना अच्छी है। खान-पान में लापरवाही करेंगे तो पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। छात्रों के लिए वर्ष अच्छा है तो मेहनत कीजिए परिणाम आनंदित करेगा।
मूलांक 4: यह वर्ष आपके लिए संघर्षपूर्ण रह सकता है। आपके लिए सलाह है कि अपने कार्य और सेहत के प्रति गंभीर रहें, लापरवाही से खुद को ही नुकसान हो सकता है। नौकरी व्यवसाय के साथ ही जीवन के दूसरे क्षेत्रों मे आपको सजग रहना होगा क्योंकि विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्यार मोहब्बत के मामले में वर्ष अनुकूल रहना चाहिए इस बात की संभावना दिखती है। इस वर्ष अपने उत्साह और उम्मीद की डोर थामे रहें और सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मूलांक 5: जन्मदिन 5, 14 या 23 तारीख को है आपका मूलांक 5 है। इस वर्ष आपके जीवन में कई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं जिसकी आप कल्पना भी नहीं करते हों। यह घटनाएं अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। सलाह है कि लोगों को अपना विरोधी बनाने से बचें। आर्थिक मामलों एवं यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरुरत है। पेट संबंधी तकलीफ हो सकती है, खान-पान का ध्यान रखें।
मूलांक 6: आपका जन्मदिन 6, 15 या 24 तारीख को है तो आपका मूलांक 6 है। इस मूलांक वाले व्यक्ति के लिए यह वर्ष धन के मामले में कुल मिलाकर अच्छा रहेगा। आय में वृद्धि होगी लेकिन व्यय भी बढ़ेगा। अगर अपने खर्च पर नियंत्रण रख पाते हैं तब जमा पूंजी बढ़ाने में सफल होंगे। वैसे पारिवारिक एवं प्रेम प्रसंग के मामले में यह वर्ष आपको सुखद एहसास दिलाएगा। स्वास्थ्य के मामले इस वर्ष को आप अनुकूल समझ सकते हैं। सलाह है कि अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ें।
मूलांक 6: आपका जन्मदिन 6, 15 या 24 तारीख को है तो आपका मूलांक 6 है। इस मूलांक वाले व्यक्ति के लिए यह वर्ष धन के मामले में कुल मिलाकर अच्छा रहेगा। आय में वृद्धि होगी लेकिन व्यय भी बढ़ेगा। अगर अपने खर्च पर नियंत्रण रख पाते हैं तब जमा पूंजी बढ़ाने में सफल होंगे। वैसे पारिवारिक एवं प्रेम प्रसंग के मामले में यह वर्ष आपको सुखद एहसास दिलाएगा। स्वास्थ्य के मामले इस वर्ष को आप अनुकूल समझ सकते हैं। सलाह है कि अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ें।
मूलांक 7: जन्मतिथि 7, 16 या 25 तारीख है तो आपका मूलांक 7 है। इस वर्ष आपको दूसरों से ज्यादा अपने बारे में सोचना चाहिए, मतलब अपनी सेहत, उन्नति और समाजिक प्रतिष्ठा के बारे में आपको गंभीरता से सोचने की जरुरत है। अगर ऐसा करेंगे तो आपके लिए यह वर्ष प्रगति का नया रास्ता खोलेगा। आप अपनी क्षमताओं और कार्यकुशलता का भरपूर इस्तेमाल करें कामयाबी आपके कदम चूमेगी। पारिवारिक जीवन में मतभेद के बाद भी प्यार बना रहेगा। आपके लिए सलाह है कि जीवन शैली में थोड़ा बदलाव लाएं अच्छा एहसास होगा।
मूलांक 8: आपके जीवन में प्रगति अचानक नहीं आती है। परिश्रम और लगन से प्रयास करने पर ही आपको सफलता मिलती है
मूलांक 9 इस वर्ष भी इन बातों को याद रखें। लेकिन परिश्रम सही दिशा में और रचनात्मक होने पर आपको इस साल अच्छी कामयाबी मिल सकती है। सलाह है कि अपने अनुभवों का लाभ उठाते हुए इस साल काम पर ध्यान दें, महत्व बढ़ेगा। सलाह है कि जो भी करें दिल से करें और जरूरत पड़ने पर अपने बड़े-बुजुर्गों से सलाह लें।
Astro bhargav vishal
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