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Saturday, 2 July 2016


सोमवार को आने वाली अमावस्या के दिन किया गया उपाय आपके जीवन मे लाखो खुशिया ला सकता है

सोमवार को आने वाली अमावस्या के दिन किया गया एक छोटा सा उपाय आपके जीवन
मे लाखो खुशिया ला सकता है
आप सबको पता है सोमवार को अमावस है
सोमवार को पड़ने वाली सोमवती अमावस का हिंढु धरम मे अछा महतव रखती है
जो इंसान अपने जीवन मे अपने काम-कारोबार, घर-परिवार, संतान, कर्ज़, बीमारी
मानसिक-चिंता, क्लेश, से तंग है
जो मेहनत करने के बाद बी सफल न्ही होते
वो इंसान ये छोटा सा उपाय करे ओर अपना जीवन सफल बनाए
सोमवार को सुबह एक लोटा ले उस मे पानी भर ले ओर जरा सा कचा दूध डाल ले
ओर एक च्मच काले ओर सफेद तिल डाले उसके बाद पीपल देवता के पेड़ के पास जाए
पीपल के पास जा कर नीचे बैठ जाए ओर अपने सामने ये लोटा रखे अपना मूह पीपल की
ओर रख कर अपने पितृ को याद करे ओर उनसे माफी माँगे, कुछ देर अपने पितृ को याद करे
ओर बाद मे खड़े हो कर दोनो हाथों से ये जल पीपल देवता की जड़ मे डाले ओर उन्हे याद
करे ,पीपल देवता मे बर्मा-विष्णु-महेश का वास होता है ये उपाय करने से आपको अपने पितृ
आशीर्वाद बी मिलता है इस उपाय के करने के 40 दिन बाद आपको अछा फल मिलेगा
श्री श्याम ज्योतिष् केंद्र
पंडित भार्गव विशाल

081461-32537

Sunday, 26 June 2016

Get Solutions of your all Problems O8146132537

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मंगल के 12 प्रभाव, जानि‍ए आपकी जिंदगी में कैसा है मंगल

      मंगल के 12 प्रभाव, जानि‍ए आपकी जिंदगी में कैसा है मंगल
यूँ तो हर गृह-नक्षत्र का हमपर कोई ना कोई प्रभाव पड़ता ही रहता है। लेकिन क्या आपको पता है की मंगल आपकी जिंदगी में कैसे प्रभाव डालता है?.जानिए मंगल का आपके जीवन पर पड़ने वाला असर।
1. लग्न में मंगल हो तो जातक क्रूर, साहसी, चपल, महत्वाकांक्षी एवं व्रणजन्य कष्ट से युक्त एवं व्यवसाय में हानि होती है।
2. दूसरे भाव में मंगल हो तो कटुभाषी, धनहीन, पशुपालक, धर्मप्रेमी, नेत्र एवं कर्ण रोगी होता है।
3. तीसरे भाव में मंगल हो तो जातक प्रसिद्ध शूरवीर, धैर्यवान, साहसी, भ्रातृ कष्टकारक एवं कटुभाषी होता है।
4. चौथे भाव में मंगल हो तो वाहन सुखी, संततिवान, मातृ सुखहीन, प्रवासी, अग्नि भययुक्त एवं लाभयुक्त होता है।
5. पांचवें स्थान में मंगल हो तो जातक उग्रबुद्धि, कपटी, व्यसनी, उदर रोगी, चंचल, बुद्धिमान होता है।
6. छठे भाव में हो तो बलवान, धैर्यशाली, शत्रुहंता एवं अधिक व्यय करने वाला होता है।
7. सातवें भाव में मंगल हो तो स्त्री दुखी, वात रोगी, शीघ्र कोपी, कटुभाषी, धननाशक एवं ईर्ष्यालु होता है।
8. आठवें भाव में मंगल हो तो जातक व्याधिग्रस्त, व्यसनी, कठोरभाषी, उन्मत्त, नेत्र रोगी, संकोची एवं धन चिंतायुक्त होता है।
9. मंगल नौवें स्थान में हो तो द्वैषी, अभिमानी, क्रोधी, नेता, अधिकारी, ईर्ष्यालु एवं अल्प लाभ करने वाला होता है।
10. मंगल दसवें भाव में हो तो धनवान, कुलदीपक, सुखी, यशस्वी, उत्तम वाहनों का सुख पाने वाला लेकिन संततिकष्ट वाला होता है।
11. ग्यारहवें भाव में मंगल हो तो जातक कटुभाषी, क्रोधी, लाभ करने वाला, साहसी, प्रवासी एवं धैर्यवान होता है।
12. बारहवें भाव में मंगल हो तो जातक नेत्र रोगी, स्त्री नाशक, उग्र, व्ययशील एवं ऋणी होता है।
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Saturday, 25 June 2016

जानिए कौन से ग्रह योग मनुष्य को बनाते हैं धनवान

              जानिए कौन से ग्रह योग मनुष्य को बनाते हैं धनवान


ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के आधार पर मनुष्य के जीवन, विद्या और आर्थिक स्तर का भी अध्ययन किया जाता है। ग्रहों की स्थिति से यह आकलन किया जा सकता है कि जातक का जीवन कैसा रहेगा। उसे धन की प्राप्ति होगी या संघर्ष में ही जीवन बीतेगा? कुंडली के 12 भावों में नौ ग्रहों की स्थिति किसी मनुष्य का आर्थिक भविष्य तय करती है। ग्रहों की युति, स्थिति जीवन में सुख-दुख लाती है।अगर कुंडली में सूर्य और बुध दूसरे भाव में स्थित हों तो ऐसा व्यक्ति काफी प्रयासों के बाद भी पैसे की बचत करने में सक्षम नहीं होता। अगर कुंडली के दूसरे भाव में चंद्रमा स्थित हो, उस पर बुध की दुष्टि पड़ती हो तो उसके धन का नाश होने की आशंका होती है। अगर उसे पुरखों से धन मिलता है तो वह भी उसके पास नहीं रहता।कुंडली में चंद्रमा अकेला हो, उसके द्वादश में कोई भी ग्रह मौजूद न हो तो यह भी धन के संकट का योग होता है। ऐसा जातक धन के अभाव में कष्ट पाता है। दूसरे भाव में चंद्रमा स्थित हो तो ऐसे मनुष्य को प्रचुर मात्रा में धन प्राप्त होता है। उसे धनार्जन के लिए अधिक कष्ट नहीं उठाने पड़ते। वह सुख-सुविधओं के साधन आसानी से जुटा लेता है।दूसरे भाव में शुभ ग्रह हों तो ऐसा जातक धनवान होता है। उसे परिश्रम का लाभ मिलता है और आर्थिक बाधाएं अवश्य दूर हो जाती हैं। कुंडली का दूसरा भाव धन का परिचायक होता है। इसमें स्थिति ग्रहों की स्थिति जातक की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी देती है। अगर दूसरे भाव में बुध पर चंद्रमा की दृष्टि पड़े तो यह जातक के लिए कष्टदायक होती है। ऐसे मनुष्य के जीवन में अक्सर धन की कमी होती है।चंद्र मंगल योग- इस योग को लक्ष्मी योग के नाम से भी जाना जाता हैं। यह योग चंद्र एवम मंगल की युति या केंद्र स्थिति के द्वारा बनता हैं। यह काफी बलवान योग हैं और हर परिस्थिति में फलदायी होता हैं भले ही लग्न व भाव स्थिति के कारण फल के अंशो में न्यूनता हों। यदि चंद्र-मंगल योग पहले भाव में, दूसरे, पांचवे, नववें व एकादश भाव में बने तो व्यक्ति अत्यधिक धनवान होता हैं।महालक्ष्मी योग - यह योग अपने नाम के अनुसार ही फल देने वाला होता हैं। इस योग के बनने के कारणों से ही इस योग के सफल होने का पता चल जाता हैं। जन्म कुंडली में दूसरे भाव को धन स्थान कहते हैं। तथा ग्याहरवें भाव को लाभ भाव, जब इन दोनों भावों के स्वामियों का आपस में किसी भी प्रकार का संबंध बनता हैं तो इस योग का निर्माण होता हैं। यह योग अन्य सभी योगों में सबसे उत्तम फल देने वाला होता हैं।कोटीपति योग- इस योग में जन्मा जातक करोडपति होता हैं। शनि केन्द्रगत हो तथा गुरु व शुक्र एक दूसरे से केंद्र या त्रिकोण भाव में बली हो, तथा लग्नेश बली हो तो यह योग बनता हैं। ऐसे जातक के पास स्थिर लक्ष्मी रहती है।महाभाग्य योग - यह योग स्त्री व पुरुषों की जन्म कुंडली में अलग- अलग रूप में बनता हैं। इस योग को बनने के लिये चार स्थितियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। पुरुष का जन्म दिन में हो तथा स्त्री का जन्म रात्रि का हो। पुरुष का जन्म विषम लग्न में हो तथा स्त्री का जन्म सम राशि में हो। पुरुषों की पत्रिका में सूर्य विषम राशि में हो। स्त्री की पत्रिका में सम राशि में हो। पुरुषों का चंद्र विषम राशि में हो। जबकी स्त्री का जन्म सम राशि में हो। इन स्थितियो में जन्मा जातक निसंदेह राजा की तरह जीवन जीता है। JOIN THIS FACEBOOK GROUPhttps://www.facebook.com/groups/485025865009737/

Friday, 24 June 2016

शनि देव को शांत करने के लिए हनुमान जी की अराधना की जाती है

शनि देव को शांत करने के लिए हनुमान जी की अराधना की जाती है
शिव पुराण के अनुसार हनुमान जी को ग्यारवां रूद्र माना जाता है और शनिदेव भगवान शंकर के परम भक्त और चेले भी हैं। भगवान शंकर ने ही शनि देव को संसार का न्यायाधिश होने का कार्य दिया है परंतु न्याय करते समय शनि देव व्यक्ति के कर्म अनुसार उससे अत्यधिक पीड़ित कर देते हैं। पुराणों के अनुसार उन्होंने न सिर्फ मनुष्य को यहां तक की देवी-देवताओं को भी पीड़ित किया है जिसमें भगवान गणेश और चन्द्रदेव भी शामिल हैं। शनिदेव पर नियंत्रण रखने के लिए भगवान शंकर द्वारा शनि देव को समय-समय पर हनुमान जी द्वारा पीड़ित करवाया गया। शनि देव को शांत करने के लिए हनुमान जी की अराधना की जाती है तथा कुछ छोटे-छोटे उपाय कर शनि के प्रकोप से मुक्ति पाई जा सकती है। - साढ़सती में हनुमान जी पर चमेली का तेल चढ़ाने से साढसती में राहत मिलती है।- 8 बरगद के पत्ते हनुमान जी पर काले धागे में पिरोकर चढ़ाने से शनि बाधा से मुक्ति मिलती है।- हनुमान जी पर लौंग लगा पान का बीड़ा चढ़ाने से शनि द्वारा जनित दुर्भाग्य समाप्त होता है।- हनुमान जी पर कागजी बादाम चढ़ाकर आधे बादाम काले कपड़े में बांधकर घर की दक्षिण दिशा में छुपा कर रखने से शनि का कोप शांत हो जाता है।  Any astrology help join this facebook group
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Thursday, 23 June 2016

चाहती है अपना भाग्य बदलना, तो महिलाएं रात में न करें ये काम

चाहती है अपना भाग्य बदलना, तो महिलाएं रात में न करें ये काम
 महिलाओं को घर की लक्ष्मी समझा जाता है। वो अपने कर्मों से दर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल देती है। लेकिन उनके कदम घर की सुख-शांति भंग कर देती है। घर में गरीबी आ जाती है। धन-दौलत सब छीन जाती है।
ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक अगर महिलाएं अपने भाग्य को और अपने भाग्य से अपने परिवार की सुख-शांति को बनाए रखना चाहती तो उन्हें कुछ ऐसे काम हैं जो रात के वक्त नहीं करना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक अगर आप अपना भाग्य ब दलना चाहती हैं तो रात के वक्त कभी भी ये काम न करें...
सूर्यास्त के बाद न करें ये काम
सूर्यास्त के बाद महिलाओं को किसी के घर दूध, दही, नमक, तेल और प्याज लेने नहीं जाना चाहिए। ऐसा करने से उनके जीवन में बाधाएं आती हैं और कष्टों का सामना करना पड़ता है।
घर में भाएगी तबाही
ज्योतिष के मुताबिक महिलाओं को सोने से पहले अपने बालों को नहीं धोना चाहिए। ऐसा करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।
घर में आएगी सुख-शांति
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर की महिला को हफ्ते में एक बार रात को सोने से पहले घर के सभी कमरों में थोड़ा-थोड़ा सेंधा नमक या काला नमक पेपर पर रखकर फर्श के ऊपर रख देना चाहिए। सुबह उठकर सबसे पहले बिना किसी से बात किए उसे घर से बाहर फेंक देना चाहिए। ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाएगी।
किचन में न करें ये काम
आपको रात में किचन में झूठे बर्तन नहीं रखने चाहिए। किचन में रात में झूठा बर्तन न रखने से घर पर हमेशा लक्ष्मी का वास होता है। घर पर हमेशा वैभव, सम्पन्नता और शांति आती है।
रात को करें ये काम
रात को सोने से पहले अपने घर की झाडू को दक्षिण-पश्चिम दिशा में छिपा कर रख दें। इससे आपको धन लाभ होगा।
सुख-शांति बनी रहेगी
रात को सोने से पहले रसोई में एक बाल्टी पानी भरकर रखें। इससे घर में सुख व समृद्धि का वास होता है। खाली बाल्टी घर में तनाव और चिंता लेकर आती है।

Tuesday, 21 June 2016

खट्टा नींबू तीखी मिर्ची बचाए आपको बुरी नजर से

                                             खट्टा नींबू तीखी मिर्ची बचाए आपको बुरी नजर से

यकीन मानिए इस तरह की बातों में विश्वास करने वाले लोगों का कहना है उनके साथ दुर्घटनाएं होती हैं तो इस तरह के उपाय उनको सुरक्षित रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे हमारे घर और दुकान की बुरी नजरों से रक्षा हो जाती है। हालांकि यह तंत्र-मंत्र से जुड़ा एक टोटका है, लेकिन इस परंपरा के पीछे मनोविज्ञान से जुड़ी हुई एक वजह भी है।तंत्र-मंत्र में नींबू, तरबूज, सफेद कद्दू और मिर्च का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।

सामान्यत: नींबू का उपयोग बुरी नजर से बचने के लिए किया जाता है।
बताया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दुकान को, किसी चीज को, किसी बच्चे या अन्य इंसान को ललचाई हुई नजरों से देखता है बुरी नजर लगने की संभावना होती है।
यहीं नहीं इससे व्यवसाय भी प्रभावित होने लगता है या बंद हो जाता है। इन चीजों से बचने के लिए नींबू मिर्च टांगी जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से नींबू-मिर्च देखने मात्र से ही नींबू का खट्टा और मिर्च तीखा स्वाद बुरी नजर वाले व्यक्ति की एकाग्रता को भंग कर देता है। जिससे वह अधिक समय पर घर या दुकान को नहीं देख पाता
।https://www.facebook.com/groups/485025865009737/


खट्टा नींबू तीखी मिर्ची बचाए आपको बुरी नजर से

                                             खट्टा नींबू तीखी मिर्ची बचाए आपको बुरी नजर से

यकीन मानिए इस तरह की बातों में विश्वास करने वाले लोगों का कहना है उनके साथ दुर्घटनाएं होती हैं तो इस तरह के उपाय उनको सुरक्षित रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे हमारे घर और दुकान की बुरी नजरों से रक्षा हो जाती है। हालांकि यह तंत्र-मंत्र से जुड़ा एक टोटका है, लेकिन इस परंपरा के पीछे मनोविज्ञान से जुड़ी हुई एक वजह भी है।तंत्र-मंत्र में नींबू, तरबूज, सफेद कद्दू और मिर्च का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।

सामान्यत: नींबू का उपयोग बुरी नजर से बचने के लिए किया जाता है।
बताया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दुकान को, किसी चीज को, किसी बच्चे या अन्य इंसान को ललचाई हुई नजरों से देखता है बुरी नजर लगने की संभावना होती है।
यहीं नहीं इससे व्यवसाय भी प्रभावित होने लगता है या बंद हो जाता है। इन चीजों से बचने के लिए नींबू मिर्च टांगी जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से नींबू-मिर्च देखने मात्र से ही नींबू का खट्टा और मिर्च तीखा स्वाद बुरी नजर वाले व्यक्ति की एकाग्रता को भंग कर देता है। जिससे वह अधिक समय पर घर या दुकान को नहीं देख पाता
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Sunday, 19 June 2016

जानें कौन सा जानवर घर में रखना है शुभ और किसे रखें घर से दूर

                       जानें कौन सा जानवर घर में रखना है शुभ और किसे रखें घर से दूर    

लोग अपने घरों में कुत्ता, बिल्ली, गिलहरी, खरगोश जैसे पालतू जानवरों को रखते हैं। लोग शौक ने इन जानवरों को अपने घरों में रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि

कई बार ये पालतू जानवर भी आपके लिए अशुभ होते हैं।

उन्हें रखते से आप आर्थिक तंगी, मानसिक परेशानी और शारीरिक कष्ठों जैसे परेशानियों से जूझते हैं। जबकि कुछ ऐसे पशु-पक्षी हैं जिन्हें पालने से घर का वातावरण खुशहाल,

समृद्ध घर आती है।

इन जानवरों को घर में रखने से घर वैभव से युक्त रहता है। उनके घर में आने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि कौन से

जीव-जन्तु ऐसे हैं जिन्हें घर पर रखना शुभ हैं और किन्हें रखना अशुभ। कौन से जीवों को घर में रखना चाहिए और किन्हें नहीं...

कुत्ता
हिंदू धर्म के मुताबिक कुत्ते को भैरव का सेवक माना जाता है। ऐसे में अगर आप अप ने घर में कुत्ते को पालते हैं और प्रतिदिन उसे भोजन करवाते हैं तो आपके घर में

धन-दौलत की प्राप्ति होगी।
उसे भोजन करवाते हैं तो आपके घर में धन-दौलत की प्राप्ति होगी।

मेंढ़क
वास्तु शास्त्र के मुताबिक अगर आप अपने घर में मेंढ़क रखते हैं या फिर उसके रूप में पीतल का मेढ़क बना रखते हैं तो आपके घर से बीमारी कोसों दूर रहेगी। रोज दफ्तर

निकलने से पहले मेढ़क को देखकर निकलना बेहद शुभकारी होता है।

तोता
ज्योतिष के मुताबिक अगर आप अपने घर में तोता पालते हैं तो वो आपके घर पर आने वाली परेशानियों को पहले भी भांप जाता है।

घोड़ा
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घोड़ा ऐश्वर्य का प्रतीक है। ऐसे में घर में घोड़े की प्रतिरूप रखना या फिर घोड़ा रख ना शुभकारी होता है।

कछुआ
ज्योतिष के मुताबिक घर में कछुआ रखना बेहद शुभ होता है। चूंकि कछुआ दशावतारों में से एक है, इसलिए इसे लक्ष्मी का प्रतिनिधि माना जाता है। घर में तांबे का कछुआ

रखने से वैभव की प्राप्ति होती है।

मछली
चाइनीज वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सुनहरे रंग की मछली रखना सुखदायक होता है। कहा जाता है कि घर में मछली रख ने से घर में शांति आती है।

खरगोश
वास्तु के मुताबिक घर में खरगोश पालने से समृद्धि आती है और ये जानवर आपके बच्चों के लिए शुभकारी होता है।

Wednesday, 3 February 2016

जानें सप्ताह के दिनों में शुरू होनेवाले पंचक का क्या होता है प्रभाव

जानें सप्ताह के दिनों में शुरू होनेवाले पंचक का क्या होता है प्रभाव

भारतीय ज्योतिष में पंचक को अशुभ माना गया है। इसके अंतर्गत धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं। पंचक के दौरान कुछ विशेष काम करने की मनाही है।

रोग पंचक रविवार को शुरू होने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। इसके प्रभाव से ये पांच दिन शारीरिक और मानसिक परेशानियों वाले होते हैं। इस पंचक में किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। हर तरह के मांगलिक कार्यों में ये पंचक अशुभ माना गया है।

राज पंचक सोमवार को शुरू होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है। ये पंचक शुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कामों में सफलता मिलती है। राज पंचक में संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ रहता है।

अग्नि पंचक मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इन पांच दिनों में कोर्ट कचहरी और विवाद आदि के फैसले, अपना हक प्राप्त करने वाले काम किए जा सकते हैं। इस पंचक में अग्नि का भय होता है। इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है। इनसे नुकसान हो सकता है।

मृत्यु पंचक शनिवार को शुरू होने वाला पंचक मृत्यु पंचक कहलाता है। नाम से ही पता चलता है कि अशुभ दिन से शुरू होने वाला ये पंचक मृत्यु के बराबर परेशानी देने वाला होता है। इन पांच दिनों में किसी भी तरह के जोखिम भरे काम नहीं करना चाहिए। इसके प्रभाव से विवाद, चोट, दुर्घटना आदि होने का खतरा रहता है।

चोर पंचक शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। इस पंचक में यात्रा करने की मनाही है। इस पंचक में लेन-देन, व्यापार और किसी भी तरह के सौदे भी नहीं करने चाहिए। मना किए गए कार्य करने से धन हानि हो सकती है।

इसके अलावा बुधवार और गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक में ऊपर दी गई बातों का पालन करना जरूरी नहीं माना गया है। इन दो दिनों में शुरू होने वाले दिनों में पंचक के पांच कामों के अलावा किसी भी तरह के शुभ काम किए जा सकते हैं।

1. पंचक में चारपाई बनवाना भी अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा करने से कोई बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। 2. पंचक के दौरान जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घास, लकड़ी आदि जलने वाली वस्तुएं इकट्ठी नहीं करना चाहिए, इससे आग लगने का भय रहता है। 3. पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है। इन नक्षत्रों में दक्षिण दिशा की यात्रा करना हानिकारक माना गया है। 4. पंचक के दौरान जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए, ऐसा विद्वानों का कहना है। इससे धन हानि और घर में क्लेश होता है। 5. पंचक में शव का अंतिम संस्कार करने से पहले किसी योग्य पंडित की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। यदि ऐसा न हो पाए तो शव के साथ पांच पुतले आटे या कुश (एक प्रकार की घास) से बनाकर अर्थी पर रखना चाहिए और इन पांचों का भी शव की तरह पूर्ण विधि-विधान से अंतिम संस्कार करना चाहिए, तो पंचक दोष समाप्त हो जाता है। ऐसा गरुड़ पुराण में लिखा है।

पंचक में आने वाले नक्षत्रों में शुभ कार्य हो सकते हैं। पंचक में आने वाला उत्तराभाद्रपद नक्षत्र वार के साथ मिलकर सर्वार्थसिद्धि योग बनाता है, वहीं धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र यात्रा, व्यापार, मुंडन आदि शुभ कार्यों में श्रेष्ठ माने गए हैं। पंचक को भले ही अशुभ माना जाता है, लेकिन इस दौरान सगाई, विवाह आदि शुभ कार्य भी किए जाते हैं। पंचक में आने वाले तीन नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद व रेवती रविवार को होने से आनंद आदि 28 योगों में से 3 शुभ योग बनाते हैं, ये शुभ योग इस प्रकार हैं- चर, स्थिर व प्रवर्ध। इन शुभ योगों से सफलता व धन लाभ का विचार किया जाता है।

1. घनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र चल संज्ञक माने जाते हैं। इनमें चलित काम करना शुभ माना गया है जैसे- यात्रा करना, वाहन खरीदना, मशीनरी संबंधित काम शुरू करना शुभ माना गया है। 2. उत्तराभाद्रपद नक्षत्र स्थिर संज्ञक नक्षत्र माना गया है। इसमें स्थिरता वाले काम करने चाहिए जैसे- बीज बोना, गृह प्रवेश, शांति पूजन और जमीन से जुड़े स्थिर कार्य करने में सफलता मिलती है। 3. रेवती नक्षत्र मैत्री संज्ञक होने से इस नक्षत्र में कपड़े, व्यापार से संबंधित सौदे करना, किसी विवाद का निपटारा करना, गहने खरीदना आदि काम शुभ माने गए हैं।

1. धनिष्ठा नक्षत्र में आग लगने का भय रहता है। 2. शतभिषा नक्षत्र में वाद-विवाद होने के योग बनते हैं। 3. पूर्वाभाद्रपद रोग कारक नक्षत्र है यानी इस नक्षत्र में बीमारी होने की संभावना सबसे अधिक होती है। 4. उत्तरा भाद्रपद में धन हानि के योग बनते हैं। 5. रेवती नक्षत्र में नुकसान व मानसिक तनाव होने की संभावना https://www.facebook.com/groups/485025865009737/join facebook group

Tuesday, 2 February 2016

जानें, हिंदू धर्म में लोग अपना मुंडन क्‍यूं करवाते हैं?


जानें, हिंदू धर्म में लोग अपना मुंडन क्‍यूं करवाते हैं?


हिन्दू धर्म में कई अनुष्ठान होते हैं जैसे मुंडन, उपनयन संस्कार, और शादी, एक हिन्दू को जन्म से ही इन सारी परंपराओं का पालन करना पड़ता है। यह हिन्दू धर्म की सदियों पुरानी परंपरा है जिसे हर हिंदू बहुत निष्ठा से निभाता है, जिससे उसे जन्म के चक्र से मुक्ति मिले या मोक्ष की प्राप्ति हो जाये।

हिन्दू धर्म में मुंडन करना एक महत्वपूर्ण परंपरा है जो सदियों से चली आर ही है। तिरुपति और वाराणसी जैसे पवित्र स्थानों में मुंडन करवाना बहुत शुभ माना जाता है।

बालों को ग़ुरूर का चिन माना जाता है जिससे भगवान के आगे दान कर देते हैं।

लोग अपने बाल अपनी मन्नत पूरी हो जाने पर भी दान करते हैं। आइये जानते हैं मुंडन क्‍यूं करवाया जाता है?

जन्म और पुनर्जन्म

हिंदू धर्म में जन्म और पुनर्जन्म का बहुत बड़ा महत्त्व है। ऐसी मान्यता है कि बच्चे के मुंडन से बाद वह अपनी पुरानी ज़िन्दगी के बंधनों से मुक्त हो जाता है। मुंडन हो जाने से बच्चे की नयी ज़िन्दगी शुरू हो जाती है।

अपने आप को समर्पित कर देना

बालों को गर्व और अहंकार का चिन माना जाता है। यही वजह है मुंडन करने से हम अपना अहंकार तयाग कर अपने आपको भगवान को समर्पित कर देते हैं। मुंडन करने से हम सारे बुरे विचारों को भी त्याग देते हैं जिससे हम भगवान के और करीब जा सके।

मन्नत पूरी होने पर

लोग मुंडन इस लिए भी करते हैं जब उनकी कोई मन्नत पूरी हो जाती है। मन्नत पूरी हो जाने के बाद हम भगवान को अपने बाल अर्पित करते हैं, और उनका ध्यांवाद करते हैं। यह परंपरा ज्यादा तर तिरुपति और वाराणसी में होती है। इसलिए हिंदू धर्म में मुंडन करना बहुत महत्वपूर्ण परंपरा है।https://www.facebook.com/groups/485025865009737/ join facebook group

Sunday, 31 January 2016

धनवान और पराक्रमी होते हैं मंगलवार को पैदा हुए लोग, जानिए और बातें

धनवान और पराक्रमी होते हैं मंगलवार को पैदा हुए लोग, जानिए और बातेंज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति के पैदा होने का दिन उसके लिए बहुत मायने रखता है। मंगलवार को पैदा होने वाले लोग कैसे होते हैं, आइए जानते हैं।मंगलवार को पैदा होने वाले लोग महत्वाकांक्षी, साहसी, उत्साही, प्रयत्नशील और पराक्रमी होते हैं। इनकी जुझारू खूबियों की वजह से सफलता मिलती ही मिलती है। इसलिए ये लोग पैसे वाले होते हैं।आमतौर पर ये लोग उग्र होते हैं लेकिन दिल के साफ होते हैं। जो मन में आता है साफ कह देते हैं, इसलिए आस-पास रहने वाले लोग अक्सर इनसे नाराज हो जाते हैं।मंगलवार को जन्मे इन लोगों में नेतृत्व की क्षमता अन्यों के मुकाबले ज्यादा और अच्छी होती है। ये लोग बड़ी जिम्मेदा‍‍रियों को संभालने में कामयाब होते हैं।इन लोगों को जीवन के शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन हार न मानने वालों को सफलता जरूर मिलती है।मंगलवार के दिन जन्मे लोगों को रक्त और त्वचा के रोग हो सकते हैं। इसलिए पहले से सावधान रहने में भलाई है।इस दिन पैदा होने वाले लोगों को नेता, पुलिस, सेना, नौकरशाह, खेल के क्षेत्र में कोशिश करनी चहिए। इन क्षेत्रों में सफल होने की ज्यादा संभावना होती है।मंगलवार को पैदा हुए लोगों के लिए शुभ अंक: 3,6,9 है और शुभ रंग लाल और मैरून है।https://www.facebook.com/groups/485025865009737/ join facebook group

वास्‍तु व‌िज्ञानः यह 7 चीजें ज‌िन्हें घर में रखने से नहीं होती धन की कमी वास्तु व‌िज्ञान का जन्म भगवान श‌िव द्वारा हुआ माना जाता है

वास्‍तु व‌िज्ञानः यह 7 चीजें ज‌िन्हें घर में रखने से नहीं होती धन की कमी
वास्तु व‌िज्ञान का जन्म भगवान श‌िव द्वारा हुआ माना जाता है। भगवान श‌िव ने मनुष्य को सुख और उन्नत‌ि प्रदान करने के ल‌िए एक ऐसी व्यवस्‍था कायम की ज‌िससे उन लोगों को भी लाभ म‌िल सके ज‌िनकी कुण्डली में प्रत‌िकूल ग्रह स्थ‌ित‌ि के कारण सुख की कमी है। इसके ल‌िए उन्होंने वास्तु पुरुष को जन्म द‌िया।
भगवान श‌िव ने वास्तु पुरुष को कहा क‌ि जहां वास्तु के न‌ियमों का पालन नहीं हो उनकी खुश‌ियों को तुम खा जाना और जहां वास्तु की पूजा उनका ध्यान रखा जाए उस घर में धन-धान्य भरा रहे।
आपके घर में भी धन-धान्य भरा रहे इसके ल‌िए आप इन बातों का ध्यान रखें।
घर के उत्तर द‌िशा में जल के पात्र यानी पानी भरा सुराही रखें। अगर ऐसा न कर पाएं तो झील या झरने की तस्वीर भी लगा सकते हैं। इससे लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
घर के मुख्य द्वार का वास्तु में सबसे अध‌िक महत्व है। वास्तु की अनुकूलता के ल‌िए घर के मुख्य द्वार पर देवी लक्ष्मी, गणेश, कुबेर और स्वास्तिक का च‌िन्ह लगाकर रखें। चाहें तो इनकी तस्वीर भी लगा सकता हैं।
आप जहां पर सबसे ज्यादा समय गुजारते हैं वहां पर एक क्र‌िस्टल बॉल रखें।
अपने घर में तांबा, पीतल, पत्थर या फ‌िर पंच धातु का प‌िराम‌िड रखें। आप चाहें तो लकड़ी के प‌िराम‌िड भी रख सकते हैं। इससे घर में कहीं भी वास्तु दोष से परेशानी आ रही हो दूर हो जाती है।
व‌िंड चाइम यानी पवन घंटी घर के दरवाजे पर और उन स्‍थानों पर लगाएं जहां से हवा आपके घर में प्रवेश करती हो और उससे टकराकर पवन घंटी का स्वर वातावरण में गूंजे।
धातु का बना कछुआ और मछली घर में रखें। फेंगशुई में बताया गया है क‌ि इससे धन का आगमन बना रहता है।
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नींबू से दूर करें अपने घर के सभी वास्‍तु दोष


नींबू से दूर करें अपने घर के सभी वास्‍तु दोष
नींबू का पौधा घर में होने से बुरी हवायें घर में प्रवेश नहीं कर पाती है एंव वास्तु दोष का प्रभाव भी कम हो जाता है।
जब कभी किसी छोटे बच्चों को नजर लग जाती है तो, वह दूध उलटने लगता है और दूध पीना बन्द कर देता है, ऐसे में परिवार के लोग चिंतित और परेशान हो जाते है। ऐसी स्थिति में एक बेदाग नींबू लें और उसको बीच में आधा काट दें तथा कटे वाले भाग में थोड़े काले तिल के कुछ दाने दबा दें। और फिर उपर से काला धागा लपेट दें। अब उसी नींबू को बालक पर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को घर से दूर किसी निर्जन स्थान पर फेंक दें। इस उपाय से शीघ्र ही लाभ मिलेगा।
यदि एक स्वस्थ्य व्यक्ति अचानक अस्वस्थ्य हो जायें और उस पर चिकित्सा का प्रभाव नहीं हो रहा है तो समझना चाहिए कि उक्त व्यक्ति नजरदोष से ग्रसित है।
ऐसी स्थिति में एक साबूत नींबू के उपर काली स्याही से 307 लिख दें और उस व्यक्ति के उपर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को चार भागों में इस प्रकार से काटें कि वह नीचें से जुड़े रहें। और फिर उसी नींबू को घर से बाहर किसी निर्जन स्थान पा फेंक दें। यह उपाय करने से पीडि़त व्यक्ति शीघ्र ही स्वस्थ्य हो जायेगा।
यदि किसी मनुष्य को रात में अक्सर डारवने सपने आते है, जिसके कारण वह डर जाता और ठीक से नींद नहीं आती है। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति की तकिये के नीचे एक हरा नींबू रख दें, और सूख जाने पर वह नींबू हटाकर दूसरा हरा नींबू रख दें। यह क्रिया लगातार 5 बार करने से दुःस्वपन आना बन्द हो जायेंगे और ठीक से नींद भी आने लगेगी।

Friday, 29 January 2016

घर में कौन सा पेड़ लगाना है शुभ, कौन सा अशुभ?

घर में कौन सा पेड़ लगाना है शुभ, कौन सा अशुभ?

कहते हैं घर में पेड़ लगाने से हरियाली आती है और घर में रहने वाले लोग हमेशा स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं। लेकिन कई बार आपके द्वारा लगाये गये पेड़ अच्‍छे परिणाम नहीं देते। असल में कई बार उनमें भी वास्‍तु दोष होता है। हम आपको यहां बता रहे हैं कि घर में कौन सा पेड़ लगाना चाहिये और कौन सा नहीं। और साथ में पेड़ लगायें तो आखिर कहां लगायें।

वृहतसंहिता के अनुसार घर में कौन सा पेड़ किस दिशा में लगाया जाये तो, वह शुभ फल दें। बरगद का वृक्ष पूर्व में, पश्चिम में पीपल, उत्तर में पिलखन एंव दक्षिण दिशा में गूलर का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। यही वृक्ष अगर विपरीत दिशाओं में हो तो, अशुभ फल देने लगते है।

घर के समीप कांटेदार वृक्ष शत्रुभय उत्पन्न करते हैं एंव दूध वाले पेड़ धन का नाश करते है।https://www.facebook.com/groups/485025865009737/    join facebook group

शुक्रवार को लक्ष्मी प्रतिमा के सामने कर सकते है ये उपाय यदि कड़ी मेहनत के बाद भी उचित प्रतिफल प्राप्त नहीं हो रहा है

शुक्रवार को लक्ष्मी प्रतिमा के सामने कर सकते है ये उपाय
यदि कड़ी मेहनत के बाद भी उचित प्रतिफल प्राप्त नहीं हो रहा है
पैसों की तंगी का सामना करना पड़ रहा है तो यहां एक उपाय बताया जा रहा है। यह उपाय नारियल से संबंधित है। यह उपाय बहुत सरल है। माना जाता है कि इस उपाय से महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। उपाय की पूरी विधि है और सही विधि से ही यह उपाय शुक्रवार को किया जाना चाहिए। इसके प्रभाव से कई समस्याओं का निवारण हो सकता है ें क्यों आती हैं परेशानियां
ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में ग्रहों की स्थिति यदि विपरीत हो तो धन संबंधी मामलों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि उचित ज्योतिषीय उपचार द्वारा ग्रह बाधा को दूर किया जाए तो संभवत: इस प्रकार की परेशानियों में कमी आ जाती है। यहां धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए एक प्राचीन उपाय बताया जा रहा है। यह उपाय प्रति शुक्रवार महालक्ष्मी की प्रतिमा के सामने किया जाना चाहिए।
इस विधि से करें उपाय
प्रति शुक्रवार ब्रह्म मुहूर्त में उठें और नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पूर्णत: पवित्र हो जाएं। इसके बाद श्रीगणेश और धन की देवी महालक्ष्मी का पूजन करें।
पूर्ण पूजन सामग्री के साथ ही एक नारियल भी पूजन में रखें। मिठाई और पुष्प हार भी रखें। नारियल पर लाल धागा लपेट लें।
जब महालक्ष्मी का पूजन पूर्ण हो जाए तब नारियल को तिजोरी में या किसी ऐसे स्थान पर रख दें, जहां आप पैसा रखते हैं।
दिन-भर तिजोरी में ही नारियल को रखे रहने दें। रात के समय तिजोरी से नारियल निकाल लें और किसी गणेश मंदिर में अर्पित कर दें। साथ ही, श्रीगणेश और महालक्ष्मी से निर्धनता दूर करने की प्रार्थना करें।
ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से कुछ ही समय में सकारात्मक फल प्राप्त होने लगते हैं। इसके साथ ही ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार के अधार्मिक कार्यों से खुद को दूर रखें। अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।

Wednesday, 27 January 2016

आर्थ‌िक परेशानी से बचने के ल‌िए गुरुवार के द‌िन नहीं करें ये 7 काम ज्योतिष के अनुसार जरा सी सावधानी बरती जाए तो गुरुवार का दिन आपके लिए सौभाग्यशाली हो सकता है। लेकिन भूलकर भी ये 7 काम नहीं करें।

आर्थ‌िक परेशानी से बचने के ल‌िए गुरुवार के द‌िन नहीं करें ये 7 काम
ज्योतिष के अनुसार जरा सी सावधानी बरती जाए तो गुरुवार का दिन आपके लिए सौभाग्यशाली हो सकता है। लेकिन भूलकर भी ये 7 काम नहीं करें।
मालामाल बने रहना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि गुरुवार को क‌िसी को भी कर्ज न दें। ये अशुभ होता है।
जहां तक कर्ज का सवाल है तो इस दिन कर्ज लेना भी अशुभ है। ये बात बैंकों के कर्ज पर भी लागू होती है, इसलिए लोन वगैरह की सोच रहे हैं तो गुरुवार के नजरअंजाद करें।
जैसा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग बताते आए हैं, गुरुवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचें। ये अशुभ होता है। आर्थिक नुकसान तो होता ही है, सेहतलाभ भी नहीं होता है।
चूंकि गुरुवार गुरू का दिन है। इसलिए भूलकर भी प‌िता और गुरुजनों का अपमान न करें, उन्हें बुरा-भला नहीं कहें।
सफेद वस्‍त्र धारण न ही करें तो अच्छा रहेगा। गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनें तो आपकी बरक्कत होगी। मन भी शांत रहेगा। घर में भी शांति का महौल बना रहेगा और कारोबार में हैं तो लाभ निश्चित है।
गुरुवार को धन संचय करना या जमा करने संबंधी काम न करें, क्योंक‌ि गुरूवार को खाली द‌िन माना जाता है। फिर भी इस दिन कुछ विशेष कार्य करना चाहते हैं तो किसी ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें। क्योंकि गुरू के साथ पुष्य नक्षत्र हो तो कोई नया काम क‌िया जा सकता है।
इस दिन घर से कन्या को व‌िदा न करें। अगर करना ही पड़े तो कन्या के हाथ से कोई वस्तु लेकर घर में रख लें। ऐसी मान्यता है क‌ि गुरुवार के द‌िन कन्या की व‌िदाई करने पर लक्ष्मी जी घर से चली जाती हैं।

Sunday, 24 January 2016

शुभ मुहूर्त में ही शुरू करें नया काम

शुभ मुहूर्त में ही शुरू करें नया काम

ज्योतिष, आकाश से पृथ्वी पर आने वाली रश्मियों के प्रभाव व परिणाम का अध्ययन है। विशेष नक्षत्रों के समय कई अमृत रश्मियों तथा कई विष रश्मियों से वातावरण आच्छादित रहता। नक्षत्रों का अपना स्वरूप, गुणधर्म व स्वभाव है। किसी कार्य विशेष के समय नक्षत्र विशेष, लग्न विशेष इत्यादि के चयन ही कार्य की गतिशीलता, सफलता और लक्ष्य निश्चित करती है।

मुहूर्त के संदर्भ में यही महत्वपूर्ण तथ्य है कि उस काल विशेष में कितनी अमृत रश्मियां वातावरण में मौजूद थी। इसके साथ ही साथ यह कार्य विशेष किस नक्षत्र तथा लग्न के गुणधर्म, स्वरूप व स्वभाव से मेल खाता है। इन्हीं रश्मियों के गहन शोध और अनुभवगत अध्ययन के आधार पर मुहूर्त निर्धारण बताया गया है।

हमारे देश में वैदिक काल से ही शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने की अपरिहार्यता रही है। गर्भाधान संस्कार से प्रारंभ करते हुए षोडश संस्कार वैदिक काल से ही प्रचलित रहे हैं। कार्य की पूर्णता व सफलता के उद्देश्य से शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने की परंपरा वंशानुगत वर्णानुसार आज भी चली आ रही है। जहां एक ओर हमारे आदि-ग्रंथों में भी शुभ मुहूर्त में प्रारंभ किए गये कार्यों की पूर्णता एवं सफलता के असंख्य उदाहरण हैं, वहीं दूसरी ओर बिना मुहूर्त या अचानक कार्य प्रारंभ करने के परिणामस्वरूप बाधाओं सहित कार्य बीच में ही बंद होने या कार्य की असफलता के भी कई उदाहरण उपलब्ध है।

हमें अपने देैनिक महत्वपूर्ण यथा गृह निर्माण, गृह प्रवेश मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत आदि कार्यों के लिए आज भी मुहूर्त की आवश्यकता होती है, जिसके लिए हमें किसी ज्योतिषी की आवश्यकता महसूस होती है।

यूं तो देखने में यह आता है कि लोगों को वाहन क्रय करना हो या ऐसा ही कोई अन्य अवसर हो तो, भ्रदा देखकर ही क्रय करना अभी उचित नहीं है, छोड़ देते हैं, लेकिन तमाम ऐसे मौके होते हैं कि भ्रदा न होने पर भी वाहन या अन्य कोई विशेष कार्य करने पर उसका परिणाम अच्छा होने की बजाय उसके बिल्कुल विपरीत हो जाता है जैसे वाहन लेकर लौटते समय ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाना या अन्य कोई नुकसान हो जाना। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि कदाचित करण के अतिरिक्त लग्न, लग्नेश, तिथि, वार नक्षत्र, योग प्रहर व घटी आदि के साथ ही साथ ग्रहीय स्थिति पर विचार नहीं किया।

मुहूर्त के निर्धारण में तिथि, वार, नक्षत्र योग, करण, प्रहर तथा घटी सभी की आवश्यकता होती है क्योंकि उक्त सभी पर विचार करते हुए ही मुहूर्त का निर्धारण किया जाना चाहिए। मुहूर्त जैसे अति संवेदनशील विषय के साथ शुभ मुहूर्त जानने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति और ज्योतिषी दोनों के द्वारा ही पूर्णतः सजगता बरती चाहिए। मुहूर्त के साथ समझौतावादी दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए क्योंकि कार्य की पूर्णता व सफलता शुभ मुहूर्त पर ही निर्भर करती है।

Saturday, 23 January 2016

अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान‌िए 2016 की भव‌िष्यवाणी आपको अपनी राश‌ि पता नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान सकते हैं क‌ि आपके ल‌िए साल 2016 कैसा रहने वाला है।

अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान‌िए 2016 की भव‌िष्यवाणी
आपको अपनी राश‌ि पता नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान सकते हैं क‌ि आपके ल‌िए साल 2016 कैसा रहने वाला है। क‌िन मामलों में आपको कामयाबी म‌िलेगी और क‌िन मामलों से आपको दूर रहना चाह‌िए जान‌िए अंक ज्योत‌िष से।
मूलांक 1: ज‌िन लोगों का जन्म क‌िसी भी महीने में 1, 10, 19 या 28 तारीख है उनका मूलांक 1 है। इन राश‌ि वालों के ल‌िए यह वर्ष आपके ल‌िए उत्साहवर्धक और जीवन में कई बदलाव लाने वाला रहेगा।
कई लोगों के जीवन में प्रेम का आगमन हो सकता है। आपके अंक के स्वामी सूर्य आपको कई रूके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होंगे। आपके ल‌िए सलाह है क‌ि उत्तेजना और अहंकार पर काबू रखें तो आपके ल‌िए यह वर्ष कामयाबी भरा रहेगा। धर्म-कर्म के प्रत‌ि रुच‌ि आपके ल‌िए लाभप्रद रहेगी।
मूलांक 2: जन्मदिन 2, 11, 20 या 29 तारीख को है तो यह वर्ष आपके ल‌िए कई मामलों में सुखद तो कई मामलों में च‌िंता और परेशानी लाने वाला है। नौकरी व्यवसाय में आपकी स्‍थ‌ित‌ि कुल म‌िलकार बढ़‌िया रहेगी अपने प्रयास और मेहनत से व‌िपरीत स्‍थ‌ित‌ियों को अनुकूल बना सकते हैं। अपने काम में सफल होंगे। खान-पान और आराम का भरपूर मौका म‌िलेगा। संतान पक्ष से खुशी म‌िल सकती है। लंबी दूरी की यात्रा के योग भी इस साल बन रह हैं। पर‌िवार में छोटे-मोटे व‌िवाद होते रहेंगे।
मूलांक 3: आप रचनात्मक व‌िषयों में रुच‌ि रखते हैं और इस साल अपनी रचनात्मक क्षमता के कारण आप मान-सम्मान और तारीफ प्राप्त करेंगे। जीवन में प्यार में प्यार के खट्टे म‌ीठे अनुभव आपको आनंद‌ित करते रहेंगे। नौकरी में स्‍थ‌ित‌ि सामान्य रूप से अच्छी रहेगी। मीड‌िया और वाण‌िज्य क्षेत्र में सफलता की संभावना अच्छी है। खान-पान में लापरवाही करेंगे तो पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। छात्रों के ल‌िए वर्ष अच्छा है तो मेहनत कीज‌िए प‌र‌िणाम आनंद‌ित करेगा।
मूलांक 4: यह वर्ष आपके ल‌िए संघर्षपूर्ण रह सकता है। आपके ल‌िए सलाह है क‌ि अपने कार्य और सेहत के प्रत‌ि गंभीर रहें, लापरवाही से खुद को ही नुकसान हो सकता है। नौकरी व्यवसाय के साथ ही जीवन के दूसरे क्षेत्रों मे आपको सजग रहना होगा क्योंक‌ि व‌िरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोश‌िश कर सकते हैं। प्यार मोहब्बत के मामले में वर्ष अनुकूल रहना चाह‌िए इस बात की संभावना द‌िखती है। इस वर्ष अपने उत्साह और उम्मीद की डोर थामे रहें और सफलता प्राप्त करने के ल‌िए न‌िरंतर प्रयास करना चाह‌िए।
मूलांक 5: जन्मदिन 5, 14 या 23 तारीख को है आपका मूलांक 5 है। इस वर्ष आपके जीवन में कई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं ज‌िसकी आप कल्पना भी नहीं करते हों। यह घटनाएं अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। सलाह है क‌ि लोगों को अपना व‌िरोध‌ी बनाने से बचें। आर्थ‌िक मामलों एवं यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरुरत है। पेट संबंधी तकलीफ हो सकती है, खान-पान का ध्यान रखें।
मूलांक 6: आपका जन्मद‌िन 6, 15 या 24 तारीख को है तो आपका मूलांक 6 है। इस मूलांक वाले व्यक्त‌ि के ल‌िए यह वर्ष धन के मामले में कुल म‌िलाकर अच्छा रहेगा। आय में वृद्ध‌ि होगी लेक‌िन व्यय भी बढ़ेगा। अगर अपने खर्च पर न‌ियंत्रण रख पाते हैं तब जमा पूंजी बढ़ाने में सफल होंगे। वैसे पार‌िवार‌िक एवं प्रेम प्रसंग के मामले में यह वर्ष आपको सुखद एहसास द‌िलाएगा। स्वास्‍थ्य के मामले इस वर्ष को आप अनुकूल समझ सकते हैं। सलाह है क‌ि अपना आत्मव‌िश्वास बनाए रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ें।
मूलांक 7: जन्मत‌िथ‌ि 7, 16 या 25 तारीख है तो आपका मूलांक 7 है। इस वर्ष आपको दूसरों से ज्यादा अपने बारे में सोचना चाह‌िए, मतलब अपनी सेहत, उन्नत‌ि और समाज‌िक प्रत‌िष्ठा के बारे में आपको गंभीरता से सोचने की जरुरत है। अगर ऐसा करेंगे तो आपके ल‌िए यह वर्ष प्रगत‌ि का नया रास्ता खोलेगा। आप अपनी क्षमताओं और कार्यकुशलता का भरपूर इस्तेमाल करें कामयाबी आपके कदम चूमेगी। पार‌िवार‌िक जीवन में मतभेद के बाद भी प्यार बना रहेगा। आपके ल‌िए सलाह है क‌ि जीवन शैली में थोड़ा बदलाव लाएं अच्छा एहसास होगा।
मूलांक 8: आपके जीवन में प्रगत‌ि अचानक नहीं आती है। पर‌िश्रम और लगन से प्रयास करने पर ही आपको सफलता म‌िलती है
मूलांक 9 इस वर्ष भी इन बातों को याद रखें। लेक‌िन पर‌िश्रम सही द‌िशा में और रचनात्मक होने पर आपको इस साल अच्छी कामयाबी म‌िल सकती है। सलाह है क‌ि अपने अनुभवों का लाभ उठाते हुए इस साल काम पर ध्यान दें, महत्व बढ़ेगा। सलाह है क‌ि जो भी करें द‌िल से करें 

देखिये, एक नारियल का चमत्कार ||

| देखिये, एक नारियल का चमत्कार ||
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क्या आपके कार्य बार-बार बिगड़ जाते हैं? किसी भी कार्य की सफलता में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है? क्या अंतिम पलों में आपके हाथ से सफलता हाथ निकल जाती है? यदि आपको लगता है आपका भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो शास्त्रों के अनुसार जब देवी-देवता आपसे रुष्ट या असप्रसन्न होते हैं तब आपको कार्यों में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है।
इसके अलावा कुंडली में यदि कोई ग्रह दोष हो तब भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थितियों से बचने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो कि निश्चित रूप से लाभदायक ही हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय ये है कि एक नारियल पानी में प्रवाहित किया जाए।

नारियल पानी में प्रवाहित करने की विधि -
* किसी भी पवित्र बहती नदी के किनारे एक नारियल लेकर जाएं। किनारे पर पहुंचकर अपना नाम और गौत्र बोलें। इसके साथ ही प्रार्थना करें कि आपकी समस्याएं दूर हो जाएं। अब नारियल को नदी में प्रवाहित कर दें।
* इसके तुरंत बाद वहां से घर लौट आएं। नदी किनारे से लौटते समय ध्यान रखें पीछे पलटकर न देखें। अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।
* इसप्रकार नारियल नदी में बहाने से निश्चित ही आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे। बिगड़े कार्य बनने लगेंगे। भाग्य का साथ मिलने लगेगा, दुर्भाग्य का नाश होगा। इसके अलावा ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार अधार्मिक कृत्यों से खुद को दूर रखें और किसी का मन न दुखाएं!

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|| देखिये, एक नारियल का चमत्कार ||
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क्या आपके कार्य बार-बार बिगड़ जाते हैं? किसी भी कार्य की सफलता में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है? क्या अंतिम पलों में आपके हाथ से सफलता हाथ निकल जाती है? यदि आपको लगता है आपका भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो शास्त्रों के अनुसार जब देवी-देवता आपसे रुष्ट या असप्रसन्न होते हैं तब आपको कार्यों में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है।
इसके अलावा कुंडली में यदि कोई ग्रह दोष हो तब भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थितियों से बचने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो कि निश्चित रूप से लाभदायक ही हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय ये है कि एक नारियल पानी में प्रवाहित किया जाए।

नारियल पानी में प्रवाहित करने की विधि -
* किसी भी पवित्र बहती नदी के किनारे एक नारियल लेकर जाएं। किनारे पर पहुंचकर अपना नाम और गौत्र बोलें। इसके साथ ही प्रार्थना करें कि आपकी समस्याएं दूर हो जाएं। अब नारियल को नदी में प्रवाहित कर दें।
* इसके तुरंत बाद वहां से घर लौट आएं। नदी किनारे से लौटते समय ध्यान रखें पीछे पलटकर न देखें। अन्यथा उपाय निष्फल हो जाएगा।
* इसप्रकार नारियल नदी में बहाने से निश्चित ही आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे। बिगड़े कार्य बनने लगेंगे। भाग्य का साथ मिलने लगेगा, दुर्भाग्य का नाश होगा। इसके अलावा ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार अधार्मिक कृत्यों से खुद को दूर रखें और किसी का मन न दुखाएं!

वास्तु के सरल उपाय वर्ष 2016 को बनाएंगे कुछ खास



वास्तु के सरल उपाय वर्ष 2016 को बनाएंगे कुछ खास
हमारे लिए फिर से एक वही समय आ गया है. जब हम अपने जीवन को एक नई दिशा , ऊर्जा और नई उम्मीदों से भरने का संकल्प लेते हैं। कहने का आशय यह है. नया साल यानी जीवन में नए सपनों को जगह देने और उन्हें साकार बनाने का अवसर। खुद से खुद को बेहतरीन बनाने का अवसर । हमें अपने जीवन में जुड़े संबंधों, संसाधनों और सेहत को बेहतरीन से और बेहतरीन बनाने का समय ,
आपको आपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरने की शुरुआत घर से ही करने से बेहतर क्या हो सकता है। सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण घर यानी परिवार के सदस्यों के बीच अच्छी बातचीत, प्यार, काम में बरकत और रचनात्मकता, कम झगड़े और झंझट।वास्तु शास्त्र के अनुसार पांच तत्व, सूरज, चांद, नवग्रह और पृथ्वी, इनकी ऊर्जा का संतुलन ही जीवन संचालित करता है, घर में इसी ऊर्जा का संतुलन स्थापित कर हम जीवन को बेहतरीन बना सकते हैं।
वास्तु से जुड़े ऐसे ही कुछ उपाय जो आपकी मदद कर सकते हैं-
आपके घर के मुख्य द्वार से ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रवेश का आदान-प्रदान शुरू होता है.
1. आप अपने घर की उत्तर दिशा में कुबेर देवता को स्थान देकर अपनी बुद्धिमता और समझ को संतुलित कर सकते है.
2. यदि आप अपने घर में पेड़-पौधे लगायेगें तो उससे आपके जीवन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी . पेड़-पौधे पूर्व दिशा के दोषों को हटाकर संतुलन बनाने का कार्य करते हैं।और जीवन में शक्ति प्रदान करते है .
3. आपको चाहिए की आप घर के उत्तर, पूर्व से कूडा-करकट हटा दें , पुराने सड़े-गले कपड़ों और अन्य वस्तुओं को हटाकर, छह महीने या अधिक समय से रखे बेकार व बिना इस्तेमाल किए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो विकास में रुकावट या अड़चन डालें, उन्हें घर से बाहर करके कलह क्लेश से दूर रहें।
4. यदि आप अपने जीवन में नियम संयम को धारण करें तो आप अपने मन में उत्साह, आनंद, उमंग, शांति की सकारात्मक उर्जा भर सकते है.
5. इस नव वर्ष में जमीन खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान दें की उस प्लॉट या जमीन को न लें जिस पर दक्षिण-पश्चिम से सड़क आ रही हो। दक्षिण दिशा को सड़क वाले प्लॉट को नहीं खरीदना चाहिए।
6. यदि आप इस नव-वर्ष में अपने लक्ष्य को स्वयं अपने हाथों से कागज पर लिख कर अपने घर के सामने दीवार पर टांग लें। साथ ही निश्चित समय सीमा भी बांध लें तो लक्ष्य पूरे करने की ऊर्जा अवश्य रूप से मिलेगी।

अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान‌िए 2016 की भव‌िष्यवाणी


अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान‌िए 2016 की भव‌िष्यवाणी
आपको अपनी राश‌ि पता नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप अपनी जन्मत‌िथ‌ि से जान सकते हैं क‌ि आपके ल‌िए साल 2016 कैसा रहने वाला है। क‌िन मामलों में आपको कामयाबी म‌िलेगी और क‌िन मामलों से आपको दूर रहना चाह‌िए जान‌िए अंक ज्योत‌िष से।
मूलांक 1: ज‌िन लोगों का जन्म क‌िसी भी महीने में 1, 10, 19 या 28 तारीख है उनका मूलांक 1 है। इन राश‌ि वालों के ल‌िए यह वर्ष आपके ल‌िए उत्साहवर्धक और जीवन में कई बदलाव लाने वाला रहेगा।
कई लोगों के जीवन में प्रेम का आगमन हो सकता है। आपके अंक के स्वामी सूर्य आपको कई रूके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होंगे। आपके ल‌िए सलाह है क‌ि उत्तेजना और अहंकार पर काबू रखें तो आपके ल‌िए यह वर्ष कामयाबी भरा रहेगा। धर्म-कर्म के प्रत‌ि रुच‌ि आपके ल‌िए लाभप्रद रहेगी।
मूलांक 2: जन्मदिन 2, 11, 20 या 29 तारीख को है तो यह वर्ष आपके ल‌िए कई मामलों में सुखद तो कई मामलों में च‌िंता और परेशानी लाने वाला है। नौकरी व्यवसाय में आपकी स्‍थ‌ित‌ि कुल म‌िलकार बढ़‌िया रहेगी अपने प्रयास और मेहनत से व‌िपरीत स्‍थ‌ित‌ियों को अनुकूल बना सकते हैं। अपने काम में सफल होंगे। खान-पान और आराम का भरपूर मौका म‌िलेगा। संतान पक्ष से खुशी म‌िल सकती है। लंबी दूरी की यात्रा के योग भी इस साल बन रह हैं। पर‌िवार में छोटे-मोटे व‌िवाद होते रहेंगे।
मूलांक 3: आप रचनात्मक व‌िषयों में रुच‌ि रखते हैं और इस साल अपनी रचनात्मक क्षमता के कारण आप मान-सम्मान और तारीफ प्राप्त करेंगे। जीवन में प्यार में प्यार के खट्टे म‌ीठे अनुभव आपको आनंद‌ित करते रहेंगे। नौकरी में स्‍थ‌ित‌ि सामान्य रूप से अच्छी रहेगी। मीड‌िया और वाण‌िज्य क्षेत्र में सफलता की संभावना अच्छी है। खान-पान में लापरवाही करेंगे तो पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। छात्रों के ल‌िए वर्ष अच्छा है तो मेहनत कीज‌िए प‌र‌िणाम आनंद‌ित करेगा।
मूलांक 4: यह वर्ष आपके ल‌िए संघर्षपूर्ण रह सकता है। आपके ल‌िए सलाह है क‌ि अपने कार्य और सेहत के प्रत‌ि गंभीर रहें, लापरवाही से खुद को ही नुकसान हो सकता है। नौकरी व्यवसाय के साथ ही जीवन के दूसरे क्षेत्रों मे आपको सजग रहना होगा क्योंक‌ि व‌िरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोश‌िश कर सकते हैं। प्यार मोहब्बत के मामले में वर्ष अनुकूल रहना चाह‌िए इस बात की संभावना द‌िखती है। इस वर्ष अपने उत्साह और उम्मीद की डोर थामे रहें और सफलता प्राप्त करने के ल‌िए न‌िरंतर प्रयास करना चाह‌िए।
मूलांक 5: जन्मदिन 5, 14 या 23 तारीख को है आपका मूलांक 5 है। इस वर्ष आपके जीवन में कई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं ज‌िसकी आप कल्पना भी नहीं करते हों। यह घटनाएं अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। सलाह है क‌ि लोगों को अपना व‌िरोध‌ी बनाने से बचें। आर्थ‌िक मामलों एवं यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरुरत है। पेट संबंधी तकलीफ हो सकती है, खान-पान का ध्यान रखें।
मूलांक 6: आपका जन्मद‌िन 6, 15 या 24 तारीख को है तो आपका मूलांक 6 है। इस मूलांक वाले व्यक्त‌ि के ल‌िए यह वर्ष धन के मामले में कुल म‌िलाकर अच्छा रहेगा। आय में वृद्ध‌ि होगी लेक‌िन व्यय भी बढ़ेगा। अगर अपने खर्च पर न‌ियंत्रण रख पाते हैं तब जमा पूंजी बढ़ाने में सफल होंगे। वैसे पार‌िवार‌िक एवं प्रेम प्रसंग के मामले में यह वर्ष आपको सुखद एहसास द‌िलाएगा। स्वास्‍थ्य के मामले इस वर्ष को आप अनुकूल समझ सकते हैं। सलाह है क‌ि अपना आत्मव‌िश्वास बनाए रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ें।
मूलांक 7: जन्मत‌िथ‌ि 7, 16 या 25 तारीख है तो आपका मूलांक 7 है। इस वर्ष आपको दूसरों से ज्यादा अपने बारे में सोचना चाह‌िए, मतलब अपनी सेहत, उन्नत‌ि और समाज‌िक प्रत‌िष्ठा के बारे में आपको गंभीरता से सोचने की जरुरत है। अगर ऐसा करेंगे तो आपके ल‌िए यह वर्ष प्रगत‌ि का नया रास्ता खोलेगा। आप अपनी क्षमताओं और कार्यकुशलता का भरपूर इस्तेमाल करें कामयाबी आपके कदम चूमेगी। पार‌िवार‌िक जीवन में मतभेद के बाद भी प्यार बना रहेगा। आपके ल‌िए सलाह है क‌ि जीवन शैली में थोड़ा बदलाव लाएं अच्छा एहसास होगा।
मूलांक 8: आपके जीवन में प्रगत‌ि अचानक नहीं आती है। पर‌िश्रम और लगन से प्रयास करने पर ही आपको सफलता म‌िलती है
मूलांक 9 इस वर्ष भी इन बातों को याद रखें। लेक‌िन पर‌िश्रम सही द‌िशा में और रचनात्मक होने पर आपको इस साल अच्छी कामयाबी म‌िल सकती है। सलाह है क‌ि अपने अनुभवों का लाभ उठाते हुए इस साल काम पर ध्यान दें, महत्व बढ़ेगा। सलाह है क‌ि जो भी करें द‌िल से करें और जरूरत पड़ने पर अपने बड़े-बुजुर्गों से सलाह लें।
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